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विनाशकारी विकास की भेंट चढ़ेगा एक और इलाका !

 


उत्तराखंड के एक और इलाके को विकास के नाम पर डुबोने की तैयारी चल रही है. यह इलाका है- देहरादून जिले के जौनसार का इलाका.


15 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने यमुना बेसिन में बनने वाली किशाऊ बहुउद्देश्य परियोजना के समझौते पर दस्तखत किये.


इस समझौते के तहत देहरादून और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की सीमा पर टौंस नदी पर 232.6 मीटर ऊंचा बांध बनाया जायेगा. किशाऊ कॉरपोरेशन लिमिटेड की वेबसाइट बताती है कि इस परियोजना से 4 x 105.5 यानि 422 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा.  




लेकिन यह उत्पादन जब होगा, उससे कहीं पहले बड़े पैमाने पर विस्थापन होगा. उत्तराखंड राज्य के देहरादून जिले के जौनसार क्षेत्र के 9 गांवों के 3406 लोगों और हिमाचल प्रदेश के 8 गांवों के 2092 लोगों का विस्थापन करना होगा. विस्थापन का अर्थ इस बड़ी आबादी का घर- बार, खेती- बाड़ी, जंगल- जमीन सब उनसे छिन जाएगा. 


विकास के नाम पर लोगों को उजाड़ने की यह एक और परियोजना है, जिसकी मार आम लोग झेलेंगे और जिससे मुनाफा अगर होगा तो बड़ी पूंजी, बड़े ठेकेदारों, नेताओं- नौकरशाहों को होगा.


उत्तराखंड के ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम का बयान सुनिये. वे कह रहे हैं कि उत्तराखंड के पास न तो विस्थापन से उजड़ने वाले लोगों को बसाने के लिए जमीन है और ना ही डूबने वाली वन भूमि की एवज में क्षतिपूरक वृक्षारोपण ( compensatory afforestation) के लिए भूमि है.





कोई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूछे कि जब उत्तराखंड के पास न उजड़ने वालों को बसाने के लिए जमीन है और ना ही पेड़ लगाने के लिए तो फिर आबाद, उपजाऊ इलाके को डुबोने के समझौते पर दस्तखत क्यों कर आए ? सिर्फ इसलिए कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कह दिया इसलिए ?


पलायन की मार से उत्तराखंड बंजर हो रहा है. लेकिन जिस इलाके को डुबोने का समझौता मुख्यमंत्री अपने आकाओं के कहने पर कर आए, वो इलाका उपजाऊ भी है और पलायन की मार भी वहां अपेक्षाकृत कम है. पूरे उत्तराखंड और हिमाचल में साल- दर- साल बड़ी आपदाओं की मार हम देख रहे हैं, झेल रहे हैं और उसका एक प्रमुख कारक कहीं न कहीं ये बड़ी परियोजनाएं भी हैं . एक उपजाऊ, आबाद इलाके को इस विनाशकारी विकास के मॉडल की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाना चाहिए.


-इन्द्रेश मैखुरी













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