उकु बड़े करामती मनुष्य हैं.! उकु सरकार की गोद में भी हैं और विपक्ष के बगल में होने का दावा भी उकु का है.
उ.कु. निर्दल हैं पर उनका अपना दल भी है और हर दल को दलदल करने में हाथ बटाने को उकु हर वक्त तैयार रहते हैं.
समाज को मसीहाओं की लत है और उकु ने समाज की इस लत को पूरा करने के लिए दंद-फंद- भयादोहन से मसीहा बनने की योग्यता हासिल कर ली है. अब उकु मसीहाई कारिश्मे का प्रदर्शन करने की खातिर सौ रुपए की दवाई बांटने के लिए दस लाख रुपए का हेलिकॉप्टर लेकर जा सकते हैं और फिर इस मसीहाई कृपा के प्रचार के लिए बीस लाख रुपए भी खर्च कर सकते हैं !
मसीहा टाइप लोगों को कुछ त्याग- बलिदान करने का प्रोपोगैंडा भी करना पड़ता है ! इसलिए उकु महोदय ने हाल ही में नाखून काट कर स्वयं को शहीद घोषित कर दिया है. राज्य का उकु महोदय पहले ही काफी काट चुके हैं, अब नाखून काट कर उकु महोदय थोड़ा शहादत एंजॉय करना चाहते हैं !
उकु के समर्थक नारा बुलंद कर रहे हैं - उकु के नाखून का यह बलिदान याद रखेगा उकुस्तान ! उ.कु तुम नाखून कटवाओ नेल कटर तुम्हारे हाथ है !
-इन्द्रेश मैखुरी


0 Comments