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सृष्टि कंडारी की दुखद मृत्यु : ससुराल की दहलीज पर दम तोड़ते महिला सशक्तिकरण के नारे !

 


पढ़-लिख कर, एक अच्छी नौकरी हासिल करने के बाद भी लड़कियां/महिलाएं वाजिब सम्मान पा जाएं, उनके साथ अच्छा सलूक हो, यह जरूरी नहीं. शिक्षिका सृष्टि कंडारी के मामले को देख कर तो यही लगता है.  





सृष्टि पढ़ी- लिखी, प्रतिभाशाली युवती थी, अध्यापन जैसे सम्मानित व्यवसाय में थी और फिर भी घुट- घुट कर, तिल-तिल कर जीने और मरने को विवश कर दी गयी. 


तमाम आधुनिकता के दावों के बावजूद परिवार के परंपरागत, रूढ़ियों वाले ढांचे में बहु दोयम दर्जे की ही पात्र बनी हुई है, जिसे कितने भी अपमान का भागी बनाया जा सकता है- सृष्टि का दिल को चीर देने वाला वायरल वीडियो देख- सुन कर तो यही समझ में आता है. ऐसा लगता है कि महिला सशक्तिकरण के सारे नारे, ससुराल नाम की जगह की दहलीज पर दम तोड़ देते हैं.






उस खत्री परिवार ने जब सृष्टि को अपनी बहु बनाने का फैसला किया होगा तो अगल- बगल, आस- पड़ोस, नाते- रिश्तेदारी में तो छाती चौड़ी करके बताया होगा कि हमारी होने वाली बहु लेक्चरर है. लेकिन वही लेक्चरर लड़की शादी के बाद घर आ गयी तो उसका आत्मसम्मान तोड़ने में, मनुष्य के दर्जे से भी नीचे धकेल कर मरने की हद तक पहुंचा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी ! 


दुनिया कहां से कहां पहुंच गयी है, लेकिन हमारे यहां परिवारों में बहु बनी लड़की से साथ मनुष्योचित व्यवहार करने की समझ नहीं पैदा हो सकी. परिवार में कुछ बुरा हो गया, किसी की मृत्यु हो गयी तो वो बहु मनहूस हो गयी, जैसे कि उस बहु के आने से पहले की, उस परिवार की सारी पुश्तें तो इसी चराचर जगत में विचर रही हों ! 


सृष्टि की शादी जिस सौरभ खत्री से हुई वो उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर है. सृष्टि सरकारी शिक्षक थी और पति सचिवालय में तो दोनों को अच्छी- भली तनख्वाह मिलती होगी. आरोप है कि सृष्टि को दहेज के लिए भी प्रताड़ित किया जाता था. पहले सोचा- अच्छी भली नौकरी और तनख्वाह वाले दहेज के लिए क्यों प्रताड़ित करते होंगे ? फिर ख्याल आया कि दहेज कोई गरीबी की वजह से थोडी़ मांगता है, लालच की वजह से मांगता है. और लालच के लिए तो किसी भी हद तक गिरा जा सकता है.


 सृष्टि नाम वाली युवती की, इस सृष्टि में यात्रा का असमय अंत होना बेहद पीड़ादायक है, हृदयविदारक है. सृष्टि को न्याय मिले और उसे मौत के मुंह में धकेलने वालों को कठोर दंड ! 


-इन्द्रेश मैखुरी


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