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जोशीमठ त्रासदी में राहत-बचाव एवं मुआवजे के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन





 प्रति,

श्रीमान मुख्यमंत्री महोदय,
उत्तराखंड शासन, देहारादून.

विषय : जोशीमठ त्रासदी में राहत-बचाव एवं मुआवजे के संबंध





महोदय,
जोशीमठ में ऋषिगंगा और धौलीगंगा में जल प्रलय से हुए नुकसान के बाद चल रहे राहत और बचाव कार्य एवं हताहतों को मुआवजे के संबंध में निम्नलिखित तथ्य आपके संज्ञान में लाने हैं :
धौलीगंगा पर तपोवन-विष्णुगाड़ परियोजना के बैराज साइट के निकट मलबे से भरी हुई सुरंग को खाली करके उसमें फंसे हुए मजदूरों को ढूँढने का अभियान दो दिन से चल रहा है. मजदूरों को ढूँढने के इस अभियान को जारी रखा जाना चाहिए. लेकिन साथ ही यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि उस सुरंग के इतर भी बहे हुए लोग हैं,जिन्हें ढूँढने की कोशिश नजर नहीं आ रही है. उक्त सुरंग के बाहर जमा मलबे के ढेर से लेकर ऋषिगंगा के बह चुके मलबे के ढेर तक और नदी तटों पर पानी के बहाव की चपेट में आए मजदूरों और स्थानीय लोगों की तलाश की जानी चाहिए. हमारी यह मांग है कि खोज अभियान (search operation) को व्यापक किया जाये और अधिकतम लोगों को तलाशने की हर मुमकिन कोशिश की जाये.

उत्तराखंड सरकार द्वारा मृतकों के आश्रितों को 4 लाख रुपया और केंद्र द्वारा 2 लाख रुपया मुआवजा देने की घोषणा की गयी. इस तरह दी जाने वाली कुल मुआवजा राशि 6 लाख रुपया होती है. केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री श्री आरके सिंह द्वारा 20 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की गयी है,लेकिन यह राशि सिर्फ एनटीपीसी के कार्मिकों के लिए है. इसलिए बड़ा हिस्सा इस दायरे से बाहर है.

महोदय, 2013 की आपदा में दी गयी मुआवजा राशि 7 लाख रुपया थी और उसके सात साल बाद इस भीषण जल प्रलय का शिकार हुए लोगों को एक लाख रुपया कम राहत राशि दी जा रही है. यह अफसोसजनक बात है. हम यह मांग करते हैं कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 50 लाख रुपया मुआवजे के तौर पर दिया जाये एवं मृतक के एक आश्रित को स्थायी एवं नियमित रोजगार दिया जाये.

मजदूर एवं अन्य कार्मिक जो लापता हैं,उनकी तलाश में उनके परिजन जोशीमठ आए हुए हैं. इन तमाम लोगों के जोशीमठ में आवास एवं भोजन की व्यवस्था राज्य सरकार को स्थानीय प्रशासन के माध्यम से करवानी चाहिए. साथ ही लापता लोगों की ढूंढ-खोज संबंधी गतिविधियों से परिजनों को निरंतर अवगत कराने के लिए एक अधिकारी नामित किया जाना चाहिए.

स्थानीय लोग जिनके संपर्क मार्ग कट गए हैं,उनके लिए संपर्क मार्ग बहाल करने के लिए तत्काल अस्थायी पुल आदि का इंतजाम किया जाये.

सधन्यवाद
अतुल सती
राज्य कमेटी सदस्य
भाकपा(माले)
इन्द्रेश मैखुरी
गढ़वाल सचिव
भाकपा(माले)

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